अहमदाबाद में हुए प्लेन क्रैश में राजस्थान में 12 लोगों की मौत हो गई। इनमें बालोतरा की खुशबू राजपुरोहित (21) की भी मौत हो गई। खुशबू जनवरी में ही जोधपुर के खाराबेरा पुरोहितान में बहू बनकर आई थी।
खुशबू लंदन में अपने डॉक्टर पति से मिलने के लिए फ्लाइट में बैठी थीं। उन्हें छोड़ने गए पिता को एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही मौत की खबर मिली।
बहू की मौत के बाद ससुराल में माहौल गमगीन हो गया। पूरा परिवार सदमे में है। उनका कहना है कि अभी तो शादी की रस्में ही निभाई थी, अब मौत के रिवाज निभाने होंगे।

देर शाम तक नहीं थी खुशबू की मौत की जानकारी-
जोधपुर से 32 किलोमीटर दूर पाली रोड पर हम खार बेरा पुरोहितान गांव पहुंचे। यहां के आथूणावास में खुशबू राजपुरोहित का ससुराल है। पुश्तैनी मकान में खुशबू की बड़ी सास व दादी सास मौजूद थी।
लेकिन गांव के किसी भी सदस्य ने उनको गुरुवार देर शाम तक बहू की मौत की खबर नहीं दी थी। गांव वालों का कहना है कि वह यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे, इसलिए उनको नहीं बताया।

ससुराल में शोक की लहर-
खुशबू के ससुर गजेसिंह पाली में कपड़े का बिजनस करते हैं। एक मकान पाली में हैं। शादी के बाद खुशबू उसी मकान में रही। फिर वहां से 9 जून को खाराबेरा अपने पति के पुश्तैनी घर में आई थी।
वहां सभी से मिल कर वह अपने पीहर बाड़मेर जिले के बालोतरा कस्बे में स्थित अराबा पहुंची थी। अराबा से 11 जून को अपने पिता मदन सिंह दुदावत व भाई के साथ जोधपुर एयरपोर्ट से अहमदाबाद गई थी। वहां से गुरुवार को लंदन रवाना होने के लिए फ्लाइट में बैठी थी।

पति के पास जाने की खुशी रही अधूरी-
परिजनों ने बताया कि खुशबू बहुत खुश थी, वह शादी के बाद पहली बार अपने पति के पास लंदन जा रही थी। खुशबू का पति विपुल सिंह लंदन में डॉक्टर है। फरवरी में शादी के बाद विपुल सिंह वापस लंदन चला गया था।
तब विपुल सिंह ही खुशबू के वीजा की प्रोसेस करके गया था। वीजा मिलने के बाद खुशबू बहुत खुश थी। उसे पति से मिलने का बेसब्री से इंतजार था।

एयरपोर्ट के लिए जाने से पहले खुशबू ने अपने पीहर अराबा में परिवार से मिलते और विदाई का वीडियो भी बनाया। यह वीडियो उसके पीहर में उसकी मौजूदगी का आखिरी वीडियो बन गया।
हादसे के बाद उसके ससुराल भास्कर की टीम पहुंची तो हर कोई गमगीन नजर आया। लोग खुशबू के पीहर में बनाई विदाई की रील को देख रहे थे।

तो कोई एयरपोर्ट से रोते हुए रवाना होने वाली रील को देख कर अफसोस जता रहा था। घर के बाहर बैठी महिलाएं भी खुशबू की चर्चा करते हुए गमगीन हो रही थी।
ग्रामीणों का कहना था कि गजेसिंह के घर में छोटी बहू के आने से खूशी थी। लेकिन चार माह में ही सबकुछ गम में बदल गया।

सोशल मीडिया से पता चला-
ग्रामीणों ने बताया कि परिवार के सभी सदस्य गांव की चौपाल पर बैठे थे। खुशबू के चाचा ससुर स्वरुप सिंह ने बताया कि दोपहर में जैसे ही हादसा हुआ, तब सोशल मीडिया से पता चला।
फिर जब लिस्ट में खुशबू और उसके गांव का नाम आया तो हमें पता चला। सभी लोग चौपाल में इकट्ठा हो गए। कुछ लोग अहमदाबाद के लिए रवाना हो गए।
गांव के जोगसिंह राजपुरोहित ने बताया कि गजसिंह के छोटे बेटे डॉ. विपुल की शादी 18 जनवरी को यही चौपाल में हुई थी। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले ही परिवार यही था।

शादी के बाद सभी खुश थे सोचा भी नहीं था कि ऐसा हादसा हो सकता है। गांव में सभी गम में है। घर में महिलाओं को नहीं बताया, क्योंकि वे सदमा सहन नहीं कर पाएंगी।
खुशबु के दादा ससुर राम सिंह ने बताया कि परिवार पीढ़ियों से यहां रह रहा है। पुश्तैनी घर है। परिवार में हर आयोजन गांव में ही होता है। शादी के सभी आयोजन गांव में ही हुए थे। अब दुख इस बात का है कि चार महीने बाद बहू की मौत के रीति रिवाज भी निभाने होंगे।
एयरपोर्ट से बाहर ही नहीं निकले कि मौत की सूचना मिली-
परिजनों ने बताया कि हादसे की सूचना के बाद अहमदाबाद में रहने वाले परिवार के अन्य लोग व समाज के लोग वहां पहुंच गए। उन्होंने बताया कि खुश्बू के पिता मदन सिंह खुश्बू को एयरपोर्ट पर विदा कर बाहर निकले ही थे और हादसे की खबर मिली।



