Homeजालोर की ताजा ख़बरेंएक ही विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्री से पीटाआई बने अभ्यर्थी, एसओजी ने...

एक ही विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्री से पीटाआई बने अभ्यर्थी, एसओजी ने 165 के खिलाफ केस दर्ज किया, यूपी की जेएस यूनिवर्सिटी भी आरोपी।

Date:

Related stories

सांचौर पंचायत समिति में 14 ग्राम पंचायतें बनी,पुनर्गठन के बाद 46 हुई ग्राम पंचायतें, अधिसूचना जारी

ओमप्रकाश बांगड़वा, सांचौर। राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं...

जालोर में गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत अभी 7,83,662 गणना प्रपत्रों का हुआ डिजिटलीकरण

ओमप्रकाश बांगड़वा, सांचौर। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ प्रदीप के....

गोलासन में आंजणा प्रीमियर लीग की शुरुआत, क्रिकेट में 32 टीम और वॉलीबॉल में 16 टीमें ले रही भाग

ओमप्रकाश बांगड़वा, सांचौरः- https://news9rajasthan.com/?p=2047&preview=true सांचौर के गोलासन में आंजणा प्रीमियर लीग...

श्रावण के अंतिम दिन पर मंदिरों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

प्रियंक दवे, सायला/News9Rajasthan:- कस्बे सहित क्षेत्रभर में श्रावण मास...

ओमप्रकाश बांगड़वा, सांचौर/News 9 Rajasthan:- एसओजी ने फर्जी डिग्री से नौकरी हासिल करने वाले 165 कैंडिडेट के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। इनमें जालोर के 14 लोग शामिल हैं। फर्जी डिग्री देने वाली उत्तर प्रदेश की जेएस यूनिवर्सिटी और एक अन्य को भी आरोपी बनाया है।
एसओजी ने जेएस यूनिवर्सिटी के सर्वर पर काम करने वाले मोहित गुप्ता को सर्वर पर लॉगिन करवा बैकअप डेटा लिया। जिसमें सामने आया कि सत्र 2017-19, 2018-20, 2019-21 और 2020-22 के दौरान सिर्फ 1 अभ्यर्थी की ही मार्कशीट सही है। अन्य चयनितों ने डिग्री शिक्षा सत्र के बाद या भर्ती के समय प्रिंट कराई है। ऐसे में सभी डिग्री फर्जी पाई गई।
जेएस यूनिवर्सिटी को 2017 से 2 वर्षीय बीपीएड में 100 सीट की ही मान्यता प्राप्त है। ऐसे में भर्ती तक सिर्फ 400 जनों को ही डिग्री दी जा सकती थी। लेकिन पीटीआई भर्ती-2022 में इस विश्वविद्यालय की डिग्री से 2082 लोगों ने आवेदन किया था।

• 26 अभ्यर्थियों ने आवेदन में जो शिक्षा सत्र बताया, सिलेक्शन के बाद उसे अलग बताया। इनमें ज्यादातर डिग्री 15 अक्टूबर को जारी हुई हैं।

• 9 अभ्यर्थियों ने आवेदन में डिप्लोमा बताया, सिलेक्शन के बाद डिग्री जमा कराई।

• 25 अभ्यर्थियों ने आवेदन में बीपीएड डिग्री अन्य यूनिवर्सिटी की बताई, सिलेक्शन के बाद जेएस विश्वविद्यालय की डिग्री पेश की।

• 43 ऐसे अभ्यर्थी हैं, जिनकी डिग्री 25 सितंबर 2022 के बाद की है, विज्ञप्ति के अनुसार उससे पहले की होनी चाहिए।

इनकों नहीं मिली पोस्टिंग-

• जालोर में मुडवा के सेननी निवासी विजेंद्र खुड्खुडिया पुत्र रामनिवास ने जेएस विवि से डिग्री प्राप्त करना बताकर नौकरी पाई। उसने जोधपुर जिला चुना, लेकिन उसे पोस्टिंग नहीं मिली।

• सांचौर के खारा निवासी रमेश कुमार पुत्र शंकरा राम को विभाग ने पोस्टिंग ही नहीं दी। एसओजी ने जांच के बाद उसके खिलाफ 19 अप्रैल 2024 को डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलाने का केस दर्ज किया।

• जालोर के चितलवाना में शेरणियों की ढ़ाणी निवासी नरेश कुमार पुत्र रधुनाथराम को जिला ही नहीं मिला।
एसओजी ने फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वाले 165 अभ्यर्थियों के विरुद्ध धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। फर्जी डिग्री देने वाली यूपी की जेएस यूनिवर्सिटी व एक अन्य को भी आरोपी बनाया है। जिसमें जालोर से 14 लोगों शामिल हैं।
एसओजी ने जेएस के सर्वर पर काम करने वाले मोहित गुप्ता को सर्वर पर लॉगिन करवा बैकअप डेटा लिया। जिसमें सामने आया कि सत्र 2017-19, 2018-20, 2019-21 व 2020-22 के दौरान सिर्फ 1 अभ्यर्थी की ही मार्कशीट सही है। अन्य चयनितों ने डिग्री शिक्षा सत्र के बाद या भर्ती के समय प्रिंट कराई है। ऐसे में सभी डिग्री फर्जी पाई गई। जेएस यूनिवर्सिटी को वर्ष 2017 से 2 वर्षीय बीपीएड में 100 सीट की ही मान्यता प्राप्त है। ऐसे में भर्ती तक सिर्फ 400 जनों को ही डिग्री दी जा सकती थी। लेकिन पीटीआई भर्ती 2022 में इस विवि की डिग्री से 2082 लोगों ने आवेदन कर दिया।

जांच में क्या मिला-

• 26 अभ्यर्थी जिन्होंने आवेदन में जो शिक्षा सत्र चयन के बाद उसे अलग बताया। इनमें अधिकांश 15 अक्टूबर को जारी हुई है।

• 9 ऐसे अम्यर्थी आवेदन में डिप्लोमा बताया, चयन बाद डिग्री जमा कराई। 25 ऐसे अभ्यर्थी, जिन्होंने आवेदन में बीपीएड अन्य यूनिवर्सिटी से बताया और चयन के बाद जेएस की डिग्री प्रस्तुत की।

• 43 ऐसे अभ्यर्थी, जिनकी डिग्री 25 सितंबर 2022 के बाद की है, विज्ञप्ति के अनुसार उससे पहले की होनी चाहिए।

1. आशीष सुथार चितलवाना के मालवाड़ा का निवासी है। जेएस विवि से 2019 में बीपीएड की डिग्री प्राप्त करना बताया। चयन के बाद पकड़ में ना आए इसलिए, बाड़मेर जिले में पोस्टिंग मांगी। 19 सितंबर 2023 को गुड़ामालानी ब्लॉक के पनवाली राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में जॉइन किया। बाद में गड़बड़ी सामने आने के बाद विभाग ने उसे 16 जनवरी 2025 को सेवा से बर्खास्त कर दिया।

आशीष सुथार

2. इंदुबाला: चितलवाना के मालवाड़ा में जैता की नाड़ी निवासी है। जेएस विवि की 2022 में ली हुई बीपीएड की डिग्री दिखा नौकरी हासिल की। पकड़ में आने से बचने के लिए नौकरी के लिए जोधपुर जिला चुना। जोधपुर में लूणी के बिरामी के पास मियासनी राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में 19 सितंबर 2023 को जॉइन किया।

इन्दुबाला

3. मैनका कुमारी: सांचौर में सरनाऊ ब्लॉक के गुंदाऊ में कबूली की ढ़ाणी निवासी है। 2021 में जेएस विवि से बीपीएड की डिग्री प्राप्त करना बताया। नौकरी पाने के बाद 11 सितंबर 2023 को चितलवाना ब्लॉक के परावा स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय जॉइन किया।

मेनका कुमारी

4. विक्रमकुमार : बागोड़ा तहसील के वाडा भाडवी का निवासी है। जेएस विवि से 2019 में बीपीएड की डिग्री बता नौकरी पाई। इसने भी बाड़मेर जिला चुना। 12 सितंबर 2023 को गुड़ामालानी के रोली ग्राम पंचायत में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नवाड़ा खुर्द में जॉइन किया। इसे भी गड़बड़ी सामने आने के बाद 15 जनवरी 2025 को सेवा से बर्खास्त कर दिया।

विक्रम कुमार

5. महेंद्र कुमारः सरनाऊ में गुंदाऊ के पास सेडिया का निवासी है। जेएस विवि से 2020 की बीपीएड डिग्री दिखा नौकरी हासिल की। पकड़े जाने से बचने के लिए बाड़मेर जिला चुना। 14 सितंबर 2023 को धोरीमन्ना के लूख पंचायत में रावों की बेरी स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में जॉइन किया। बाद में पकड़े जाने पर उसे 15 जनवरी 2025 को बर्खास्त कर दिया।

महेन्द्र कुमार

6. एलची: सांचौर के पालडी सोलंकियान में जांगुओं की ढाणी निवासी है। जेएस विवि से 2022 में बीपीएड की डिग्री हासिल करना बता नौकरी प्राप्त की। उसकी नियुक्ति को कुछ समय के लिए रोका गया था। बाद में चितलवाना के काळेला पंचायत में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बागसरी में 15 मार्च 2024 को जॉइन किया। 10 माह बाद 16 जनवरी 2025 को उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया।

ऐलची

7. जालारामः चितलवाना ब्लॉक के वीरावा पंचायत में मेधावा का निवासी है। जेएस विवि से 2022 की बीपीएड डिग्री बता नौकरी पाई। खुद के गांव में मेघावा में ही नौकरी मिली। 20 सितंबर 2023 को जॉइन किया।

जालाराम

8. नरेंद्र कुमार : सांचौर के करावड़ी निवासी है। जेएस विवि की फर्जी डिग्री से नौकरी प्राप्त की। उसने 4 अक्टूबर 2023 को सांचौर के कारोला गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में जॉइन किया।

9. भगवत सिंहः जालोर ब्लॉक के नून का निवासी है। जेएस विवि से 2021 की डिग्री हासिल करना बता नौकरी प्राप्त की। पकड़े जाने से बचने को पाली जिला चुना। 12 सितंबर 2023 को पाली के रोहट तहसील में राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय लावास में जॉइन किया। हालांकि बाद में गड़बड़ी पकड़ में आई और 15 जनवरी 2025 को उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया।

भगवतसिंह

10. प्रकाश कुमार : बागरा रेलवे स्टेशन के पास का निवासी है। जेएस विवि से 2021 में बीपीएड की डिग्री से नौकरी पाई। जालोर के चूरा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में 11 सितंबर 2023 को जॉइन किया।

प्रकाश कुमार

11. अशोककुमारः सांचौर के सांकड़ का निवासी है। जेएस विवि की 2022 की डिग्री से नौकरी हासिल की। 15 मार्च 2024 को रानीवाड़ा ब्लॉक के मैत्रीवाड़ा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में जॉइन किया।

अशोक कुमार

इनकों नहीं मिली पोस्टिंग-

• जालोर में मुडवा के सेननी निवासी विजेंद्र खुड्खुडिया पुत्र रामनिवास ने जेएस विवि से डिग्री प्राप्त करना बताकर नौकरी पाई। उसने जोधपुर जिला चुना, लेकिन उसे पोस्टिंग नहीं मिली।
• सांचौर के खारा निवासी रमेश कुमार पुत्र शंकरा राम को विभाग ने पोस्टिंग ही नहीं दी। एसओजी ने जांच के बाद उसके खिलाफ 19 अप्रैल 2024 को डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलाने का केस दर्ज किया।
• जालोर के चितलवाना में शेरणियों की ढ़ाणी निवासी नरेश कुमार पुत्र रधुनाथराम को जिला ही नहीं मिला।

Subscribe

- Never miss a story with notifications

- Gain full access to our premium content

- Browse free from up to 5 devices at once

Latest stories

spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

error: Content is protected !!