ओमप्रकाश बांगड़वा, सांचौर। राजस्थान के चितलवाना में केरिया की नई बस्ती के किसान पिछले सात दिनों से बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं। खेतों के आसपास कई जगह बिजली के पोल गिरे हुए हैं। तारें जमीन पर लटक रही हैं।
बिजली नहीं होने से किसानों की फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। पानी की सप्लाई भी बाधित है। इससे किसानों और उनके पशुओं को परेशानी हो रही है। गिरे पोल और लटकती तारों से ग्रामीणों और मवेशियों की जान को भी खतरा है।
अधिकारियों को कई बार करवाया अवगत लेकिन नही हो रहा समाधान-
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने डिस्कॉम के अधिकारियों को कई बार शिकायत की है। संपर्क पोर्टल पर भी समस्या दर्ज कराई है। लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। ग्रामीण रामचंद्र ने बताया कि अधिकारी सिर्फ आश्वासन देकर टाल रहे हैं। बारिश का मौसम नजदीक है। ऐसे में समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
सहायक अभियंता बोले किसान ने जेसीबी से सफ़ाई करते समय तोड़े पोल-
दूसरी तरफ, चितलवाना डिस्कॉम के सहायक अभियंता विरधा राम परमार का दावा अलग है। उनका कहना है कि जांच में पता चला है कि एक किसान ने खेत की सफाई के दौरान JCB से पोल तोड़ दिए हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही नए पोल लगाकर बिजली आपूर्ति शुरू की जाएगी। साथ ही पोल तोड़ने वालों के खिलाफ FIR भी दर्ज कराई जाएगी।
सांचौर-चितलवाना के ग्रामीण इलाक़ों में बिजली कटौती से परेशान आमजन-
सांचौर-चितलवाना उपखंड में बिजली कटौती कोई एक गांव की समस्या नहीं है, क्षेत्र के सभी गांवों में बिजली विभाग के अधिकारी-कर्मचारीयों की लापरवाही के कारण कई घंटों तक बिजली कटौती रहती है।
बिजली कटौती की समस्या से रोजाना ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवसाय के साथ-साथ आमजन भी परेशान रहते हैं।
बिजली विभाग द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर मात्र औपचारिकता-
जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड द्वारा बिजली कटौती के सम्बंध में डिस्कॉम द्वारा हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किए हुए है, लेकिन वो केवल नाममात्र और औपचारिकता के लिए ही है।
आमजन द्वारा हेल्पलाइन नम्बर पर बिजली कटौती की शिकायत दर्ज करवाई जाती है तो मात्र औपचारिकता पूरी करते हैं, हेल्पलाइन लाइन वाले अगर कोई न्यूज भी लगाई जाती है तो रिप्लाई करके के. नम्बर मांगे जाते हैं।
डिस्कॉम के अधिकारी-कर्मचारियों की लापरवाही, भुगत रहे आम लोग-
सांचौर-चितलवाना में बिजली कटौती की कोई समय सीमा नहीं है, किसी भी समय बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है, जब कर्मचारी या अधिकारी से सम्पर्क किया जाता है तो कोई संतोष जनक जवाब नहीं मिलता।
एफआरटी टीम को बिजली आपूर्ति सुचारू रखने के लिए हर महिने होता है लाखों रुपयों का भुगतान-
डिस्कॉम द्वारा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुचारू रखने के लिए अलग-अलग गाँवों में एफआरटी की टीम को लगा रखा है, जिसका भुगतान ठेकेदारों को किया जाता है, लेकिन ठेकेदार बिजली आपूर्ति का सही प्रबंध करने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
एफआरटी टीम होने के बावजूद उपभोक्ताओं को बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है।



