चित्तौड़गढ़ में रविवार देर रात रिटायर्ड ASI के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह अपने दोस्तों के साथ होटल में खाना खा रहा था। 7 गाड़ियों में सवार होकर पहुंचे 25 लोगों ने होटल को घेर लिया और फायरिंग शुरू कर दी। घटना कोतवाली इलाके के सेमलपुरा चौराहे पर हुई है।
निंबाहेड़ा निवासी अजयराज सिंह झाला (33) पुत्र शिवसिंह झाला (रिटायर्ड ASI) अपने 3 दोस्तों ओमकार शर्मा (31), गजेंद्र सिंह चौहान (24) और शैलेंद्र सिंह शेखावत (22) के साथ होटल में खाना खा रहा था।
इसी दौरान करीब 25 लोग 7 गाड़ियों में सवार होकर होटल पहुंचे। सभी हमलावरों ने गमछा बांध रखा था, हालांकि कुछ के चेहरे नजर आ गए थे। उन्होंने होटल को घेरकर अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
युवक को गोली मारी, फिर खेत में फेंका-
फायरिंग में अजयराज सिंह को गोली लगी और वह नीचे गिर गए। इसके बाद हिस्ट्रीशीटर झोपड़ा निवासी भैरूलाल गुर्जर और डेट निवासी डिग्गी राज सिंह ने अजय को उठाकर होटल की पहली मंजिल से नीचे खेत में फेंक दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसके बाद भी गोलियां चलाई गईं और तलवार से अजय की नाक पर वार किया गया। हमलावरों ने जाते समय 2 गाड़ियां में भी आग लगा दी।
मदद नहीं मिली, दोस्त बाइक से हॉस्पिटल ले गए-
युवक के दोस्तों ने एंबुलेंस और पुलिस को फोन किया, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। इसके बाद तीनों ने अजय को बाइक पर बैठाकर निजी हॉस्पिटल पहुंचाया। वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। एक कंपाउंडर ने देखकर कह दिया कि अजय को बचाया नहीं जा सकता। इसके बाद अजय को फिर से बाइक से जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
बजरी विवाद बना हमले की वजह-
प्रत्यक्षदर्शी ओमकार ने बताया कि अजय और हमलावरों के बीच बजरी खनन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। यह विवाद ही हत्या की वजह माना जा रहा है। उसने बताया- वह खाना खाने से पहले नीचे सिगरेट लेने गया था, तभी उसने मौके पर मनोज चौधरी को देखा, जो हमलावरों की रेकी कर रहा था और उसने ही हमलावरों को सूचना दी।
धरने पर बैठे परिजन और ग्रामीण-
घटना के बाद सोमवार सुबह बड़ी संख्या में लोग अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर एकत्र हुए और धरना- प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने शव लेने से मना कर दिया। परिजनों ने आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
हमलावरों में हिस्ट्रीशीटर शामिल-
पुलिस जांच में सामने आया है कि हमले में शामिल झोपड़ा निवासी भैरूलाल गुर्जर गंगरार थाने का हिस्ट्रीशीटर है। इसके अलावा डेट निवासी ईश्वर सिंह भी हिस्ट्रीशीटर है। इन दोनों के साथ कुलदीप सिंह, मोंटी सिंह, राजपाल सिंह, राहुल और विक्रम सिंह नाम के लोग भी हमले में शामिल है।
पसलियों में गोली फंसने से हुई मौत-
जिला अस्पताल के मेडिकल ज्यूरिस्ट डॉक्टर संजय पारीक के अनुसार अजय को एक ही गोली लगी थी, जो हाथ से होकर बगल से गुजरते हुए पसलियों में जा फंसी, जिससे उसकी मौत हो गई।



