News 9 Rajasthan
ओमप्रकाश बांगड़वा, सांचौर।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने देश की सर्वोच्च अदालत के लिए तीन हाईकोर्ट जजों के नाम प्रस्तावित किए हैं। यह अनुशंसा मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई की अध्यक्षता में हुई, जिन्होंने हाल में निवर्तमान सीजेआई डी. वाई. चंद्रचूड़ का स्थान लिया है। कॉलेजियम के इस फैसले से सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ने की संभावना है, जिससे न्यायिक कार्यक्षमता को मजबूती मिलेगी।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इनके नाम की भेजी सिफारिश-
जस्टिस विजय बिश्नोई- फिलहाल गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं। इनका मूल हाईकोर्ट राजस्थान है। विजय बिश्नोई ने जुलाई 1989 में वकालत शुरू की थी और राजस्थान हाईकोर्ट व सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल, जोधपुर में विभिन्न मामलों की पैरवी की। वे भारत सरकार के अतिरिक्त स्थायी वकील भी रहे हैं। 2013 में राजस्थान हाई कोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त हुए थे। 2015 में स्थायी न्यायाधीश बनें। 5 फरवरी 2024 को उन्होंने गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली थी।
जस्टिस एन. वी. अंजारिया- वर्तमान में कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं। इनका मूल हाईकोर्ट गुजरात है। अंजारिया ने अगस्त 1988 में गुजरात हाईकोर्ट में वरिष्ठ वकील एस. एन. शेलत के साथ वकालत शुरू की थी। वे संवैधानिक, सिविल, श्रम और सेवा मामलों में विशेषज्ञ माने जाते हैं। कई सरकारी संस्थाओं के स्थायी वकील भी रहे हैं। उन्हें 2011 में गुजरात हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश बनाया गया और 2013 में स्थायी न्यायाधीश नियुक्त हुए। 25 फरवरी 2024 को उन्होंने कर्नाटक हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी।
जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर- बॉम्बे हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज हैं। चंदुरकर ने 1988 में वकालत शुरू की और बाद में नागपुर स्थानांतरित होकर विविध कानूनी मामलों में विशेषज्ञता हासिल की। वे बॉम्बे हाईकोर्ट में 2013 से न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं।



