टीकमपाल/रानीवाड़ा – कस्बे के निकटवर्ती स्थित श्री उकराज जी राजपुरोहित महिला महाविद्यालय आजोदर में गुरुवार को गुरु पुर्णिमा के अवसर पर विशेष कार्यक्रम में आयोजन किया गया ! महाविद्यालय प्रबंधक हुक्म सिंह देवल ने बताया कि महिला महाविद्यालय परिसर में गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय में गुरुओं के महत्व पर प्रकाश डाला गया और प्राध्यापकों का सम्मान किया गया। गुरु पूर्णिमा जिसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है, एक धार्मिक त्योहार है जो भारत, नेपाल और भूटान में हिंदुओं, सिखों और बौद्धों द्वारा मनाया जाता है। यह त्योहार आध्यात्मिक और शैक्षणिक गुरुओं के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए समर्पित है ! इस दिन कबीर दास जी के दोहे का उल्लेख किया जाता है, “गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पांय, बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय”, जो गुरु के महत्व को दर्शाता है। महिला महाविद्यालय में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सरस्वती की पूजा वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इसके बाद, गुरुओं के महत्व पर प्राध्यापकों ने कार्यक्रम में स्थानीय वक्ताओं ने अपने संबोधन में बताया कि गुरु का महत्व हमारे जीवन में बहुत अधिक है। वे हमारे जीवन को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गुरु हमें सही और गलत के बीच का अंतर सिखाते हैं, जो हमें जीवन में सही रास्ते पर चलने में मदद करता है। वे हमें भविष्य के लिए तैयार करते हैं, जिससे हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं। वे हमें अपने जीवन को सुधारने में मदद करते हैं, और हमें एक अच्छा इंसान बनाते हैं। इस दौरान प्राध्यापक कांतिलाल, अनिल कुमार, नीतेश कुमार, हवन कँवर , क़ानू चौधरी निशा ओड़ , छात्रा हेतल पुरोहित ,उर्मिला, पिना, पूजा, हेतल, तनू, ममता सहित अन्य छात्राएं व स्टाफ भी मौजूद थे !



