ओमप्रकाश बांगड़वा, सांचौर। राजस्थान के सांचौर में जिला बचाओ संघर्ष समिति का धरना 160वें दिन भी जारी है। शुक्रवार को डावल ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम एडीएम दौलतराम चौधरी को ज्ञापन सौंपा।
पूर्व मंत्री सुखराम बिश्नोई के नेतृत्व और समिति संयोजक अधिवक्ता भीमाराम चौधरी की अध्यक्षता में चल रहे धरने में समिति ने स्पष्ट किया कि सांचौर को पुनः जिला घोषित किए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा।
समिति का कहना है कि सांचौर को बिना किसी ठोस कारण के जिले का दर्जा वापस लेना जनविरोधी है। सांचौर, जालोर से 145 किलोमीटर दूर है। अंतिम गांव आकोड़िंया रणखार की दूरी लगभग 250 किलोमीटर है। जिला मुख्यालय पास होने से लोगों को सुविधा मिलती थी।
संघर्ष समिति का आरोप है कि वर्तमान सरकार ने बिना पारदर्शी प्रक्रिया के जिला निरस्त कर दिया है। सरकार ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर कार्यालय तो खोला है, लेकिन जिले की बहाली नहीं की है।

डावल के सेवानिवृत्त अध्यापक लादूराम बिश्नोई सहित कई गणमान्य लोगों ने कहा कि रानीवाड़ा और बागोड़ा के निवासी प्रतिदिन सांचौर एडीएम कार्यालय में काम करवा रहे हैं। यह साबित करता है कि सांचौर को जिला बनाए रखना व्यावहारिक है।
संयोजक भीमाराम चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने राजनीतिक कारणों से जिला बनाने का निर्णय रोका है। जबकि इसके लिए सभी मापदंड पूरे हो चुके हैं। धरने में आसुराम सारण, मोहनलाल बिश्नोई समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।



