ओमप्रकाश बांगड़वा। सांचौर स्थित मेडीपल्स हॉस्पिटल के मालिक और डॉक्टर नरसीराम देवासी द्वारा गाल की गांठ का दो बार गलत तरीके से ऑपरेशन करने पर जालोर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वारा उपचार मे लापरवाही बरतने के कारण सांचौर में संचालित हो रहे निजी अस्पताल के संचालक नरसीराम देवासी पर जुर्माना लगाया गया है।
पीड़ित अशोक कुमार सुथार को मुआवजे एवम् हर्जाने के रुप में 45 दिनों में 3 लाख 7 हजार रुपए चुकाने के आदेश दिए हैं।
आपको बता दे कि सांचौर तहसील के अशोक कुमार पुत्र भाखराराम सुथार ने परिवाद पेश किया था।
जिसमे बताया गया कि 26 जून 2013 को उसके गाल के ऊपर एक गांठ हो गयी थी, जिस पर उसने सांचौर में संचालित हो रहे निजी मेडीप्लस अस्पताल के डॉक्टर नरसीराम देवासी को बताया तो उन्होंने गांठ को ऑपरेशन करके निकालना बताया, जिस पर परिवादी को नियमित दवाएं दी गई उक्त ऑपरेशन और दवाईयों मे करीब 50 हजार का खर्चा आया।

जहां मरीज की गांठ निकाली गयी वहां पर 2017 में फिर गांठ दिखने लगी-
वर्ष 2017 में मरीज के गाल पर जहां ऑपरेशन हुआ वहां पर फिर गांठ दिखने लगी जिस पर परिवादी द्वारा डॉक्टर से सम्पर्क किया गया तो डॉक्टर नरसीराम देवासी ने कहा कि वहीं पर दोबारा ऑपरेशन करना पड़ेगा।
16 मार्च 2017 को डॉक्टर नरसीराम ने पुनः मरीज का किया ऑपरेशन-
दिनांक 16 मार्च 2017 को डॉक्टर नरसीराम देवासी द्वारा सिटी स्कैन व एफएनएसी की प्रक्रिया का पालन नही करते हुए ना ही ईएनटी डॉक्टर की सलाह लिए बिना दोबारा गाल की गांठ का ऑपरेशन कर दिया गया।
मरीज का दूसरी बार ऑपरेशन करने पर दवाइयों और ऑपरेशन का कुल खर्च 60 हजार रुपये आया।
दोबारा ऑपरेशन के बाद भी मरीज को नही मिली राहत-
डॉक्टर नरसीराम देवासी द्वारा मरीज अशोक कुमार का दोबारा इलाज करने के बावजूद उनकी तकलीफ़ कम नहीं हुई, गाल की गांठ मे ज्यादा दर्द होने लगा, जिस पर परिवादी द्वारा जोधपुर स्थित एम्स हॉस्पिटल में डॉक्टर को दिखाया तो एक्सरे करके डॉक्टरों ने बताया कि आपकी गाल की गांठ का ऑपरेशन हुआ ही नहीं है, मात्र ऊपर चीरा लगाकर गांठ को मामूली काटा गया गया है।
एम्स के डॉक्टर बोले उस डॉक्टर को यह ऑपरेशन करने का अधिकार भी नहीं-
परिवादी अशोक कुमार को एम्स के डॉक्टरों ने बताया कि उस डॉक्टर को यह ऑपरेशन करने का अधिकार भी नहीं है। फिर एम्स के डॉक्टरों ने उक्त गाल की गांठ के सैंपल लेते हुए लैबोरेटरी में जांच के लिए भेजे और मरीज को अस्पताल में भर्ती किया गया।
4 नवंबर 2020 को एम्स में मरीज को किया भर्ती-
एम्स के डॉक्टरों ने 4 नवंबर 2020 को एम्स अस्पताल मे इलाज के लिए भर्ती किया गया और सात दिन तक परिवादी को अस्पताल में भर्ती रखकर गाल की गांठ का सफलतापूर्वक इलाज किया गया। एम्स के ऑपरेशन और दवाईयों का कुल खर्च एक लाख रुपये आया।
तथा आगे दो साल तक दवाईयां चली उसका कुल खर्च 30 हजार रुपए आया।
निजी अस्पताल के खिलाफ परिवादी ने लगाया परिवाद-
एम्स में सफल इलाज के बाद परिवादी अशोक कुमार ने सांचौर स्थित निजी अस्पताल के संचालक डॉक्टर नरसीराम देवासी के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में परिवाद दर्ज कराया।
और सम्पूर्ण खर्चा दोषी डॉक्टर से दिलवाने की मांग की। उपभोक्ता मंच ने ईलाज में लापरवाही बरतने का दोषी मानते हुए निर्णय सुनाया।
जिस पर उपभोक्ता मंच ने आदेश सुनाते हुए चिकित्सक डॉक्टर नरसीराम चौधरी, मेडीप्लस अस्पताल सांचौर को आदेश देते हुए परिवादी अशोक कुमार को 45 दिन के भीतर 2 लाख रुपये मुआवजा व 27 नवम्बर 2020 से नौ प्रतिशत ब्याज राशि अदा करने के आदेश दिए।
साथ ही परिवादी अशोक कुमार को हुई मानसिक क्षति व आर्थिक हर्जाने के एक लाख रुपए व परिवाद में व्यय 7 हजार रुपये भी 45 दिन के भीतर देने का आदेश दिया।



