ओमप्रकाश बांगड़वा, सांचौर। उदयपुर और जोधपुर के लगभग 1150 रेजिडेंट डॉक्टर्स हड़ताल पर चले गए हैं। इस वजह से दोनों शहरों के मेडिकल कॉलेजों में इलाज की व्यवस्था चरमरा गई है। 2-2 घंटे तक लाइन में लगने के बावजूद मरीजों का नंबर नहीं आ रहा है।

उदयपुर के रवींद्रनाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज में बुधवार देर रात करंट से डॉक्टर की मौत हो गई थी। इससे नाराज 600 रेजिडेंट डॉक्टर्स गुरुवार से हड़ताल कर रहे हैं। डॉक्टर्स मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विपिन माथुर के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
वहीं, जोधपुर में सात दिन पहले 13 जून को डॉ. राकेश विश्नोई (30) के सुसाइड का मामला भी बढ़ता जा रहा है। जोधपुर मथुरादास माथुर हॉस्पिटल के रेजिडेंट डॉक्टर्स ने शुक्रवार को इमरजेंसी छोड़ सभी सेवाओं का बहिष्कार शुरू कर दिया है। यहां 550 रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर उतर आए हैं। इनके समर्थन में कोटा मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट भी उतर आए है और काली पट्टी बांध विरोध किया।

हड़ताल के चलते हॉस्पिटल में मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। ओपीडी में आए मरीजों का कहना है कि 2 से 3 घंटे में नंबर आ रहा है। इससे पहले करीब घंटों तक लाइन में इंतजार करना पड़ रहा है।
मरीज बोले-काफी इंतजार के बाद आ रहा है नंबर-
उदयपुर के एमबी हॉस्पिटल में रेजिडेंट्स डॉक्टर के हड़ताल पर चले जाने के बाद व्यवस्थाएं भी बिगड़ गई है। ओपीडी में आए मरीजों का 2 से 3 घंटे बाद नंबर आ रहा है। पेशेंट दक्ष मूलचंदानी ने बताया कि उन्हें कोविड है। एक्स-रे और बाकी टेस्ट करवाए थे। इन रिपोर्ट को दिखाने के लिए डॉक्टर के पास आया था। करीब 2 घंटे से ज्यादा लाइन में लगा, लेकिन नंबर नहीं आया।
वहीं, रेणु जोशी ने बताया कि वह 5 दिन पहले एमबी हॉस्पिटल में एडमिट थी। शुक्रवार को दोबारा डॉक्टर को दिखाना था। 11 बजे से लाइन में लगी, लेकिन 2 घंटे होने के बाद भी नंबर नहीं आया।
विनिता मखीजा ने बताया कि वह अपने पिता अशोक मखीजा को दिखाने आई थी। सुबह 11 बजे से लाइन में लगे हैं लेकिन 1 बजे तक नंबर नहीं आया।

उदयपुर में करंट से हुई थी डॉक्टर की मौत-
उदयपुर के रवीन्द्रनाथ टैगोर (RNT) मेडिकल कॉलेज में बुधवार देर रात 2 बजे मकराना (नागौर) के रहने वाले डॉ. रवि शर्मा की करंट लगने से मौत हो गई थी। डॉ. रवि हॉस्टल के कॉरिडोर में रखे वाटर कूलर से पानी भर रहे थे। उनके चचेरे भाई प्रशांत भी रेजिडेंट डॉक्टर है। प्रशांत की बुधवार को नाइट ड्यूटी थी।
कई ऑपरेशन टाले-
एमबी हॉस्पिटल से जुड़े जनना, बाल चिकित्सालय, टीबी और सैटेलाइट समेत अन्य हॉस्पिटल में रेजिडेंट शुक्रवार को काम पर नहीं आए। एमबी हॉस्पिटल में भी हड़ताल का असर दिखा। यहां रोजाना करीब 4 से 5 हजार की ओपीडी रहती है। कुछ ऑपरेशन भी टाले गए हैं। हालांकि कॉलेज प्रशासन ने 150 फैकल्टी की ड्यूटी लगाई है।
जोधपुर में डॉ. राकेश के सुसाइड के बाद धरने पर उतरे रेजिडेंट डॉक्टर्स-
जोधपुर में डॉ. राकेश बिश्नोई सुसाइड और उदयपुर के डॉक्टर रवि की मौत के मामले में अपनी मांगों को लेकर जोधपुर के एसएन मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट ने इमरजेंसी सर्विसेज को छोड़कर बाकी सभी विभागों में काम का बहिष्कार किया है।
मथुरादास माथुर अस्पताल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉक्टर गणपत चौधरी ने कहा कि रेजिडेंट की हड़ताल के बावजूद अस्पताल में व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही है। डॉक्टर्स बिश्नोई के सुसाइड की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

कोटा में काली पट्टी बांध कर किया विरोध-
दोनों मामलों पर कोटा मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (RDA) ने विरोध जताया है। कोटा मेडिकल कॉलेज से जुड़े एमबीएस, जेकेलोन, एसएसबी,न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल, रामपुरा हॉस्पिटल के 600 के करीब रेजिडेंट आज काली पट्टी बांध कर काम कर रहे हैं।



