ओमप्रकाश बांगड़वा, सांचौर। जालौर राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील का 62वां प्रांतीय शैक्षिक अधिवेशन कृष्णा मैरिज हॉल करणी नगर नागौर में रविवार को संपन हुआ। जिसमें आगामी सत्र की प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया गया।
निवर्तमान मुख्य महामंत्री पूनम चंद बिश्नोई ने बताया कि प्रदेश महासमिति अधिवेशन में मुख्य अतिथि सी आर चौधरी अध्यक्ष राज्य किसान आयोग तथा रिधकरण लोहमरोड पूर्व प्रधान जायल की अध्यक्षता में तथा अशोक चौधरी संयोजक अभिनव राजस्थान, महावीर सिंह छाबा प्रदेश महामंत्री भाजपा, महावीर खराड़ी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी नागौर के विशिष्ट आतिथ्य में संपन्न हुआ।
अधिवेशन में प्रदेश अध्यक्ष बना राम चौधरी ने स्वागत भाषण देते हुए शिक्षकों से संगठित रहकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया तथा मुख्य महामंत्री पूनम चंद विश्नोई ने प्रतिवेदन तथा विष्णु कुमार तेली ने आय व्यय का ब्योरा पेश किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि सी आर चौधरी ने कहा कि समाज को नई दिशा देने में शिक्षकों का महत्वपूर्ण स्थान होता है शिक्षकों को अपने बालकों के सर्वांगीण विकास तथा ठोस भविष्य की बुनियाद के लिए शिक्षकों को समर्पित रहना चाहिए तथा अपने कर्तव्य के प्रति सजग रहकर अधिकारों की मांग की जानी चाहिए।
इस अवसर पर चौधरी ने शिक्षकों की विभिन्न मांगों को मांग पत्र के माध्यम से जल्दी ही राज्य सरकार के सक्षम स्तर पर उचित वार्ता कर शिक्षक समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलवाया।
रिध्करण लोहमरोड़ ने शिक्षकों से बालकों को संस्कारवान शिक्षा देने तथा पुराने गुरुकुल पद्धति की शिक्षा और वर्तमान शैक्षिक स्तर के अंतर के बारे में बताया ।
पूर्व आईएएस अशोक चौधरी ने शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार करने, साहित्य और पुस्तकों से अध्ययनशील रहने तथा सार्वजनिक शिक्षा के मजबूती पर जोर दिया तथा तेजी से बढ़ रहे निजीकरण से आम गरीब और मजदूरों का शोषण होगा तथा सार्वजनिक शिक्षा कमजोर होगी।
प्रदेश अध्यक्ष बना राम चौधरी ने शिक्षक समस्याओं के लिए संगठन द्वारा अभी तक किए गए प्रयासों और वार्ताओं की महासमिति को जानकारी दी तथा आने वाले समय में तृतीय श्रेणी समेत सभी शिक्षकों के पारदर्शी स्थानांतरण नीति बनाकर ट्रांसफर करने, तृतीय श्रेणी शिक्षकों समेत सभी संवर्गों के बकाया चल रही पद्दोंति करने, शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने, पर्याप्त मात्रा में ब्लॉक लेवल तक निशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण करने, नवसृजित विद्यालयों में व्याख्याता के पद सृजित करने, प्रस्तावित स्टाफिंग पैटर्न की समीक्षा कर वरिष्ठ अध्यापकों के पद समाप्त नहीं करने तथा नामांकन के अनुसार नए पदों को सृजन करने समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर आगामी समय में शिक्षा मंत्री से वार्ता की जाएगी। और यदि समस्या का हल नहीं हुआ तो जयपुर में संगठन द्वारा बड़ी रैली का आयोजन कर धरना प्रदर्शन किया जाएगा और इस बाबत संगठन आर पार की लड़ाई लड़ेगा।
प्रदेश महासमिति अधिवेशन में आगामी सत्र की प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया गया जिसमें सर्वसम्मति से प्रदेश अध्यक्ष पद पर बन्नाराम चौधरी ,मुख्य महामंत्री पद पर किशन लाल सारण, कोषाध्यक्ष विष्णु कुमार तेली सभा अध्यक्ष गौरीशंकर निर्वाचित हुए।
प्रदेश अधिवेशन में जालौर जिले से सैकड़ो शिक्षकों की भागीदारी रही जिसमे कार्यकरिणी में उपसभा अध्यक्ष प्रभाराम चौधरी, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामनिवास साहू, प्रदेश महामंत्री मोहनलाल साहू ,राजूराम सारण , जवाराराम मेघवाल,उपाध्यक्ष जलाराम बिश्नोई, डूंगर सिंह, प्रदेश प्रवक्ता छोगाराम सारण , जालाराम सियाग, मांगीलाल साहू ,गणपत लाल साहू, रतनलालमांजू ,प्रेमाराम पूनिया ,ओमप्रकाश जीनगर, किशन लाल पुनिया, जितेंद्र जाणी, भागीरथ जाणी ,किशन लाल देवासी, ओम प्रकाश, गोपाल दान चारण ,ओम प्रकाश गोदारा, रघुनाथ राम जांगू सोहनलाल पूनिया , लाडूराम मांजू शारीरिक शिक्षक प्रतिनिधि हरिराम सारण, प्रबोधक प्रतिनिधि भंवरलाल कांवा निर्वाचित हुए।
कार्यक्रम के अंत में नवीन कार्यकारिणी को शपथ दिलवाई गई तथा नवनिर्वाचित मुख्य महामंत्री किशन लाल सारण ने महासमिति का आभार जताते हुए शिक्षकों की समस्याओं को लेकर सदैव संघर्ष करने की बात कही।



