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ओमप्रकाश बागड़वा, सांचौर। (ब्यूरो न्यूज)
ऑपरेशन सिंदूर के बाद आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी सोमवार को भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर पहुंचे। उन्होंने 45 डिग्री टेम्प्रेचर में लोंगेवाला पोस्ट का दौरा किया। आर्मी चीफ ने जवानों से मुलाकात कर उनकी हौसला अफजाई की और fऑपरेशन सिंदूर के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका के लिए उन्हें शाबाशी दी।

आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने रेगिस्तानी क्षेत्र में सेना की कोणार्क कोर के इंडियन एयरफोर्स (IAF) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ कोऑर्डिनेशन में किए गए जॉइंट एक्शन की समीक्षा भी की।
उधर, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान भी पाकिस्तान बॉर्डर पर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सूरतगढ़ सैन्य स्टेशन का दौरा किया। सीडीएस ने जवानों से बात की और उनके ऊंचे मनोबल की सराहना की। गौरतलब है कि 22 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बीकानेर आने वाले हैं। वे नाल एयरफोर्स स्टेशन पर जवानों से बातचीत कर सकते हैं।
सेना प्रमुख ने सैनिकों को कहा- शाबाश-
भारतीय थल सेना के अध्यक्ष उपेंद्र द्विवेदी सोमवार को दिल्ली से विशेष विमान से जैसलमेर एयरपोर्ट पहुंचे। यहां से हेलिकॉप्टर में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर स्थित लोंगेवाला पोस्ट पहुंचे। आर्मी चीफ द्विवेदी ने रेगिस्तानी क्षेत्र में सेना की कोणार्क कोर के भारतीय वायु सेना (IAF) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ कोऑर्डिनेशन में किए गए जॉइंट एक्शन की समीक्षा भी की।

जैसलमेर से लेकर कच्छ क्षेत्र तक फैले रेगिस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने एयरफोर्स और बीएसएफ के साथ तेज कोऑर्डिनेशन कर सर्विलांस एसेट्स और एयर डिफेंस सिस्टम की तेजी से तैनाती की। इन संयुक्त कार्रवाइयों ने न केवल दुश्मन के इरादों को रौंदा बल्कि पश्चिमी मोर्चे पर ऑपरेशन डॉमिनेंस बनाए रखने में एक नया आयाम स्थापित किया।
कोणार्क कोर के सैनिकों के साथ बातचीत के दौरान सेना प्रमुख ने अंतरराष्ट्रीय सीमा की रक्षा में उनकी वीरता, अटूट प्रतिबद्धता और दृढ़ निश्चय की सराहना करते हुए एक उत्साही ‘शाबाश’ का आह्वान किया।
उन्होंने दुश्मन की ड्रोन घुसपैठ को सफलतापूर्वक बेअसर करने सहित सैनिकों की सतर्क कार्रवाइयों के लिए उनकी प्रशंसा की, जिसने रेगिस्तानी क्षेत्र में दुश्मन के किसी भी दुस्साहस को प्रभावी ढंग से रोका।
भीषण गर्मी में ड्यूटी कर रहे जवानों की हौसला अफजाई की-
जनरल द्विवेदी ने सेना के कमांडरों और यूनिट के प्रोफेशनलिज्म, ऊंचे मनोबल और ऑपरेशन प्लान की भी सराहना की। उन्होंने सेना की सम्मान की परंपरा और निर्णायक ताकत के साथ भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहने की बात पर जोर दिया।

आर्मी चीफ ने गर्मियों की चरम स्थितियों के बीच कठोर रेगिस्तानी इलाकों में तैनात महिला-पुरुष जवानों के धैर्य की सराहना करते हुए राष्ट्रीय उद्देश्यों की रक्षा में उनकी अथक सेवा के लिए प्रशंसा व्यक्त की।



