बेंगलुरु भगदड़ मामले में सीएम सिद्धारमैया ने पुलिस को RCB और DNA इवेंट मैनेजमेंट एजेंसी के अफसरों को अरेस्ट करने का आदेश दिया। साथ ही बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर समेत 8 अफसरों को सस्पेंड कर दिया।
सस्पेंड किए गए अधिकारियों में पुलिस कमिश्नर के अलावा एडिश्नल पुलिस कमिश्नर, कब्बन पार्क थाना प्रभारी, ACP, DCP सेंट्रल डिवीजन, क्रिकेट स्टेडियम प्रभारी, स्टेशन हाउस मास्टर, स्टेशन हाउस ऑफिसर शामिल हैं।
सीएम सिद्धारमैया ने कहा- मामले की जांच के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज माइकल डी’कुन्हा की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग बनाया गया है। आयोग 30 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगा।
RCB के इस कार्यक्रम के आयोजन में जो लोग जिम्मेदार थे, उन पर भी कार्रवाई होगी। इवेंट मैनेजमेंट एजेंसी DNA, KSCA के अफसरों की गिरफ्तारी होगी।
कर्नाटक सरकार ने हाईकोर्ट को स्टेटस रिपोर्ट सौंपी-
इससे पहले कर्नाटक सरकार ने गुरुवार को हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट सौंपी। इसमें बताया कि केस की जांच अब CID करेगी और SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) भी बनाई जाएगी।
सरकार ने बताया की भगदड़ मामले में रॉयल चैंलेंजर्स बेंगलुरु (RCB), DNA इवेंट मैनेजमेंट कंपनी और कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन के खिलाफ FIR दर्ज किया गया है। इन पर विक्ट्री परेड के दौरान आपराधिक लापरवाही का आरोप लगाया गया है।
FIR में कहा गया है कि भगदड़ की घटना अव्यवस्था और जिम्मेदार एजेंसियों की लापरवाही की वजह से हुई। उधर, इस मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। एक्टिंग चीफ जस्टिस वी कामेश्वर राव और जस्टिस सी एम जोशी बेंच ने राज्य सरकार को हादसे पर स्टेट्स रिपोर्ट पेश करने को कहा है। अब अगली सुनवाई 10 जून को होगी।
वहीं, याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट से कहा, ‘राज्य सरकार को यह बताना चाहिए कि आरसीबी के खिलाड़ियों को सम्मानित करने का फैसला किसने लिया है। जो खिलाड़ी देश के लिए नहीं खेलते, उन्हें सम्मानित करने की क्या मजबूरी थी।
दरअसल, 4 मई को रॉयल चैंलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने पहली बार IPL खिताब जीतने पर बेंगलुरु में विक्ट्री परेड का आयोजन किया था। पहले राज्य सरकार ने विधानसभा परिसर में सभी खिलाड़ियों का सम्मान किया। इसके बाद चिन्नास्वामी स्टेडियम में कार्यक्रम में हुआ। इससे पहले ही स्टेडियम के बाहर जुटी भीड़ में भगदड़ मचने से 11 लोगों की मौत हो गई। 33 घायल हैं। सभी मरने वाले 35 साल से कम उम्र के थे, 3 टीनएजर हैं।



